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रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ यानी सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ नसों (नवà¥à¤°à¥à¤¸) का वह समूह होता है, जो दिमाग का संदेश शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों तक पहà¥à¤‚चाता है। à¤à¤¸à¥‡ में यदि सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की चोट लग जाठया फिर किसी à¤à¥€ कारण से सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाà¤, तो यह पूरे शरीर के लिठबेहद घातक अवसà¥à¤¥à¤¾ मानी जाती है। जानें कà¥â€à¤¯à¤¾ कहते है दिलà¥à¤²à¥€ के सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ सरà¥à¤œà¤¨ डॉ. सà¥à¤¦à¥€à¤ª जैन।
दो तरह के फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° : दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं में आमतौर पर दो तरह के सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² (रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ से संबंधित) फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होते हैं। पहला सामानà¥à¤¯ फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°, जिसमें अनसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° और फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° डिसलोकेशन को शामिल किया जाता है। वहीं दूसरे पà¥à¤°à¤•ार के फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° में सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ इंजरी को शामिल किया जाता है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ की चोट के कई पà¥à¤°à¤•ार होते है। पहला नसों में हलà¥à¤•ी चोट और दूसरा नस का फटना। सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में चोट लगने की वजह से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में अनेक यà¥à¤µà¤¾ और बचà¥à¤šà¥‡ किसी न किसी विकार, दिवà¥à¤¯à¤¾à¤‚गता या मौत का शिकार हो जाते हैं। सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² इंजरी के 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामले यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में देखने को मिलते है। वहीं, ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से पीड़ित बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक रहती है।
गरà¥à¤¦à¤¨ व सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ के मà¥à¥œ जाने से अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ इंजरी हो जाती है। जैसे किसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से गिरने पर, सड़क दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾, खेलते समय चोट लगना, डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤¿à¤‚ग करने से, घà¥à¥œà¤¸à¤µà¤¾à¤°à¥€ करते समय गिर जाने से या गोली लगने से इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ की समसà¥à¤¯à¤¾ इस बात पर अधिक निरà¥à¤à¤° करती है कि किस à¤à¤¾à¤— में चोट लगी है। उदाहरण के तौर पर यदि सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ यानी गरà¥à¤¦à¤¨ के आसपास चोट लगी है, तो पैरों और हाथों को हिलाने-डà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ में अधिक दिकà¥à¤•त आती है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है।
वहीं यदि सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में चोट लगी है, तो à¤à¤¸à¥‡ पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लकवा लग सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शरीर का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ काम करना बंद कर देता है। इसे मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। इसके अलावा अधिकतर रोगियों में कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ देखने को मिलती हैं जैसे - मांसपेशियों में कमजोरी, हाथ-पैर और सीने की मांसपेशियों में हरकत न होना और सांस लेने में तकलीफ।
रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के इलाज की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤² से शà¥à¤°à¥‚ हो जानी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में देरी से पहà¥à¤‚चने के कारण अधिकांश पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इलाज के बावजूद संतोषजनक परिणाम नहीं मिल पाते। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के लिठरोगी à¤à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ बनकर रह जाता है। सामानà¥à¤¯ सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° को ऑपरेशन के बगैर केवल दवाओं, बà¥à¤°à¥ˆà¤¸à¥‡à¤¸ (à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार की बेलà¥à¤Ÿ) और फिजियोथेरेपी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आसानी से ठीक किया जा सकता है।
अनसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° और फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° डिसलोकेशन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ कहीं अधिक कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती है। इसलिठà¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ पर सà¥à¤•à¥à¤°à¥‚ और रॉड लगाकर इसे मजबूती और सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ दी जाती है। इससे सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में दरà¥à¤¦ नहीं होता और वह सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥ रूप से कारà¥à¤¯ करने लगती है। नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से रोगी के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंग à¤à¥€ पहले की ही तरह काम करने लगते है। वहीं गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ इंजरी में सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ को ठीक किया जाता है।
à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक से इलाज: उपचार की इस विधि से à¤à¥€ रोगी की कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कम करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया जाता है। इसके अंतरà¥à¤—त लेजर के माधà¥à¤¯à¤® से इलाज किया जाता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठकी इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में फिजियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ रोगी को उसकी शकà¥à¤¤à¤¿ और संतà¥à¤²à¤¨ को फिर से हासिल करने में सहायता पहà¥à¤‚चाते है। जाहिर है, इलाज की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में फिजियोथेरेपी का à¤à¥€ महतà¥à¤µ है।
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